“मेगा महिला स्वास्थ्य शिविर” एवं “ज्योत से ज्योत जलाओ अभियान” खूंटी सदर अस्पताल का आयोजन

  • मेन डॉक्टर्स विंग आई.एम.. झारखण्ड की पहल
  • खूंटी सदर अस्पताल राज्य का 11वाँ सदर अस्पताल बना जहाँ सर्वाइकल प्रीकैंसर के पहचान एवं इलाज की मशीने लगीं
  • माननीय खूंटी के विधायक एवं झारखण्ड के संसदीय कार्य एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री. नीलकंठ सिंह मुंडा की वितीय सहायता से खूंटी की महिलाओं के इलाज के लिए सदर अस्पताल में लगी मशीन
  • झारखण्ड की महामहिम राज्यपाल श्रीमती. द्रौपदी मुर्मू ने किया वीडियो कॉलपोस्कॉप और क्रायो मशीन के सेट का किया उद्घाटन
  • आल इंडिया नेत्र सोसाइटी की डायबिटिक रेटिनोपैथी के रिसर्च ज्योत से ज्योत जलाओ अभियान को झारखण्ड में चला रहे AIIMS नई दिल्ली प्रशिक्षित विट्रियो रेटिना सर्जन डॉ. बिभूति कश्यप ने 1000 मरीजों के डाटा के लक्ष्य को पूरा किया

 18 अगस्त 2019, खूंटी:- वीमेन डॉक्टर्स विंग आई. एम. ए. झारखण्ड,आल इंडिया नेत्र सोसाइटी, झारखण्ड नेत्र सोसाइटी, कश्यप मेमोरियल आई होस्पिटल एवं स्वास्थ्य विभाग झारखण्ड सरकार के संयुक्त तत्वधान में मेगा महिला स्वास्थ्य शिविर एवं ज्योत से ज्योत जलाओ अभियान का आयोजन सदर अस्पताल, खूंटी में किया गया। झारखण्ड की महामहिम राज्यपाल श्रीमती. द्रौपदी मुर्मू एवं झारखण्ड के संसदीय कार्य एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री. नीलकंठ सिंह मुंडा के द्वारा शिविर का उद्घाटन किया गया।

 माननीय खूंटी के विधायक एवं झारखण्ड के संसदीय कार्य एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री. नीलकंठ सिंह मुंडा के द्वारा वित् प्रदत डिजिटल वीडियो कॉलपोस्कॉप और क्रायो मशीन के सेट को महामहिम राज्यपाल श्रीमती. द्रौपदी मुर्मू के द्वारा खूंटी की जनता को सुपुर्द किया गया।

इस कार्यक्रम में पुरे झारखण्ड में वीमेन डॉक्टर्स विंग आई.एम.ए. झारखण्ड के द्वारा लगातार लगाये जा रहे मेगा महिला स्वास्थ्य शिविरों के लिए डॉ. भारती कश्यप, चेयरपर्सन, वीमेन डॉक्टर्स विंग आई.एम.ए. झारखण्ड को महामहिम गवर्नर श्रीमती. द्रौपदी मुर्मू ने सम्मानित किया।

तीन आयामी इस महिला स्वास्थ्य शिविर में वीमेन डॉक्टर्स विंग आई. एम. . झारखण्ड की स्त्री रोग विशेषज्ञों की टीम द्वारा शिविर में आने वाले सभी महिला मरीजों का इलाज किया गया एवं इसके साथ ही सभी सरकारी स्त्री रोग विशेषज्ञों को नई लगी सर्वाइकल प्री-कैंसर की जाँच एवं इलाज की डिजिटल वीडियो कॉलपोस्कॉप से जाँच एवं क्रायो से उपचार का प्रशिक्षण भी प्रदान कराया गया। शिविर में आने वाली सभी महिलाओं को 1 महीने की आयरन फोलिक एसिड एवं एवं कैल्शियम की गोलियां मुफ्त बांटी गयी। जननांग से सफ़ेद स्त्राव यानी कि लुकोरिया से ग्रसित सभी महिलाओं को Kit 2 एवं Kit 6 की गोलियां मुफ्त में बांटी गयी।  

इस शिविर में कश्यप मेमोरियल आई हॉस्पिटल, राँची के AIIMS नई दिल्ली प्रशिक्षित विट्रियो रेटिना सर्जन डॉ. बिभूति कश्यप एवं उन की टीम के द्वारा ज्योत से ज्योत जलाओ अभियान के तहत डायबिटिज, ग्लूकोमा एवं मोतियाबिंद से आँखों की रौशनी खो रहे मरीजों के आँखों की जाँच की गयी। जिन मरीजों को आँखों के पर्दे की लेजर की आवश्यकता पाई गयी उन्हें राँची स्थित कश्यप मेमोरियल आई हॉस्पिटल में आंखों के पर्दे के लेज़र की सुविधा आयुष्मान भारत योजना के तहत निःशुल्क प्रदान की जायेगी। ग्लूकोमा एवं मोतियाबिंद से आँखों की रौशनी खो रहे सभी मरीजों का ऑपरेशन राँची स्थित कश्यप मेमोरियल आई हॉस्पिटल में आयुष्मान भारत योजना के तहत निःशुल्क किया जायेगा।

 

भारी बारिश के बावजूद भी इस शिविर में उमरी मरीजों की भीड़….

मेगा महिला स्वास्थ्य शिविर का रिपोर्ट……

कैंप में कुल 150 मरीजों की जाँच की गई। इनमें से 60% मरीजों में ग्राभास्यग्रीवा (सर्विक्स) में सूजन एवं इन्फेक्सन पाया गया जिन्हें Kit 2 एवं Kit 6 की गोलियां मुफ्त में बांटी गयी । 1 महिलाओं में पोलिप पाया गया तथा 3 महिलाओं में सर्वाइकल प्री-कैंसर पाया गया जिन्हें कैंप अस्थल पर ही कोल्पोस्कोप गाइडेड क्रायो ट्रीटमेंट दे कर उन्हें कैंसर से मुक्त किया गया। शिविर में आने वाली सभी महिलाओं को 1 महीने की आयरन फोलिक एसिड एवं कैल्शियम की गोलियां मुफ्त बांटी गयी।

ज्योत से ज्योत जलाओ रिसर्च अभियान की रिपोर्ट……

कैंप में कुल 230 के मरीजों की आँखों जाँच की गई। जिस में से 48 डायबिटिज के मरीज पाए गए। जिसमें से 18% मरीजों में डायबिटिक रेटिनोपैथी की बीमारी पाई गयी। जिनका इलाज आयुष्मान भारत योजना के तहत राँची स्थित कश्यप मेमोरियल आई हॉस्पिटल में AIIMS नई दिल्ली प्रशिक्षित विट्रियो रेटिना सर्जन डॉ. बिभूति कश्यप के द्वारा निःशुल्क किया जायेगा।

इस शिविर को सफल बनाने में खूंटी के डी.सी.श्री. सूरज कुमार, ग्रामीण एस.पी. राँची श्री. आशुतोष, खूंटी के ए.डी.सी. श्री. अरविन्द कुमार, खूंटी की सोशल वेलफेयर ऑफिसर श्रीमती. उषा मुंडू, खूंटी के सिविल सर्जन डॉ.प्रभात कुमार,डी.पी.एम.श्रीमती.कनन बाला तिर्की,राँची वीमेन डॉक्टर्स विंग की डॉ. रश्मि प्रसाद, डॉ. तनुश्री चकर्वर्ति तथा डॉ. सारणी सगेन ढांगा, डॉ. अनुमिता रानी, डॉ. जे.पी.एस. तिग्गा, डॉ. संध्या कुमारी, डॉ. रीता कश्यप, डॉ. चयन सिन्हा, डॉ. श्रुती प्रभा, डॉ. प्रीति लता, डॉ. रोमा कुमारी, सुनीता प्रेमा एक्का, डॉ. मनीषा कुमारी, डॉ. मोनिका, डॉ. मोनिका बजराई, डॉ. अपूर्वा घोष, डॉ. इंदु एक्का, डॉ. दीपा तिर्की एवं डॉ. शोभा टोपनो का अहम् योगदान रहा।

डॉ. भारती कश्यप बताया की हमें ख़ुशी है वीमेन डॉक्टर्स विंग आई.एम.ए. झारखण्ड के अथक प्रयाश के फलस्वरूप खूंटी सदर अस्पताल राज्य के 23 सदर अस्पताल में से 11वाँ सदर अस्पताल बन गया है जहाँ गर्भाशय ग्रीवा के प्री-कैंसर के पहचान एवं उपचार की मशीनों की व्यवस्था की जा चुकी है। सब से बड़ी बात यह है की हमारे देश में महिलाओं की जिस कैंसर से सबसे जादा मौत होती है वह है ब्रेस्ट एवं सर्वाइकल कैंसर। सर्वाइकल कैंसर के कारण प्रति वर्ष हमारे देश में 67000 महिलाओं की मौत होती है।

वीमेन डॉक्टर्स विंग आई.एम.ए. झारखण्ड का उदेश्य है झारखण्ड राज्य को सर्वाइकल कैंसर मुक्त बनाना। इस दिशा में हम त्री-आयामी अभियान झारखण्ड में लगातार चला रहे हैं।इस में हम महिलाओं के सर्वाइकल प्री-कैंसर को पहचान कर कैंप साइड में ही कोल्पोस्कोप गाइडेड क्रायो ट्रीटमेंट से इसे पूरी तरह से खत्म करते हैं जिस से उस महिला एवं उसके परिवार को एक नया जीवन मिलता है।

इस के अलावा इन शिविरों में निरंतर चितरंजन कैंसर इंस्टिट्यूट, कोलकाता, राजीव गाँधी कैंसर इंस्टिट्यूट एंड रिसर्च सेंटर, दिल्ली,  मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, दिल्ली एवं अमेरिका के वरीय स्त्री कैंसर रोग विशेषज्ञों की टीम को लाकर झारखण्ड के सभी सरकारी स्त्री रोग विशेषज्ञों को प्रशिक्षण भी प्रदान करा रहे हैं।

इस के अलावा सरकार को भी हमने सरकारी अस्पतालों में सर्वाइकल प्री-कैंसर के उपचार एवं पहचान के उपकरणों को लगाने के लिए प्रेरित किया है। जिसके फलस्वरूपअभी तक पुरे राज्य में 11सरकारी अस्पतालों में गर्भाशय ग्रीवाके कैंसर के पहचान एवं उपचार की सुविधा उपलब्धहो सकी है।

डॉ. बिभूति कश्यप ने बताया की डायबिटिज से रौशनी खो रहे मरीजों के लिए ज्योत से ज्योत जलाओ राष्ट्रिय अभियान के तहत झारखण्ड का छठा शिविर आज खूंटी में लगाया गया । देश की सभी नेत्र सोसाइटी के साथ मिल कर डायबिटिक रेटिनोपैथी पर एक पैन इंडिया रिसर्च की शुरुआत की है ।इसके अंतर्गत सभी राज्यों के नेत्र सोसाइटी को एक हजार डायबिटिक से ग्रसित मरीजों के आँखों के पर्दे की पिक्चर एवं पूरा डाटा आल इंडिया ओफ्थल्मोलॉजिकल सोसाइटी को भेजना है। जिस में 1/3 शहर के मरीज होंगें एवं 2/3 गांव एवं पहाड़ी  इलाके के मरीज होंगें। इसके अन्तर्गत डायबिटीज के मरीजों पर रिसर्च पूरी होने पर डायबिटीज के मरीजों को इससे काफ़ी फ़ायदा होगा, इस पर आधारित मैनेजमेन्ट प्रोटोकॉल से हमारे देश के डायबिटीज से पीडीत लोगों को काफी फायदा होगा क्यों कि हमारे देश के लोगों पर ही ये रिसर्च बनी है। ज्यादातर प्रोटोकॉल विदेश के लोगो के ऊपर हुई रिसर्च पर बनते है जो हमारे देश में हमारे मरीजों के इलाज के लिए अनुसरण किया जाता है। अभी जो हम लोगों ने 1000 मरीजों का जो डाटा इखठा किया है। उस से जो ट्रेंड निकल कर आ रहा है वह यह है की शहर के डायबिटिज के मरीजों में 15 से 16 प्रतिशत लोगों में डायबिटिक रेटिनोपैथी के लक्षण मिले हैं। वही गाँव के डायबिटिज के मरीजों में 18 से 21 प्रतिशत लोगों में डायबिटिक रेटिनोपैथी के लक्षण मिले हैं।  एसा इस लिए हुआ है चुकी गाँव के लोगों में खान पान एवं दवा के प्रति जागरूकता नहीं रहने की वजह से डायबिटिज ज्यादा अनियंत्रित पाया गया।  

महामहिम गवर्नर श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि अगर महिलाओं को स्वस्थ रहना बहुत जरूरी है क्योंकि अगर महिला स्वस्थ नहीं रहेगी तो अपने परिवार का ध्यान कैसे रखें रखेगी। यह जो सदर अस्पतालों का लगातार सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है मशीनें लगाई जा रही है तथा डॉक्टरों को प्रशिक्षित किया जा रहा है इससे लगातार मरीजों का इलाज अनवर तरीके से चलते रहेगा।

झारखण्ड सरकार के मंत्री श्री. नीलकंठ सिंह मुंडा ने कहा की स्वास्थ्य सबसे बड़ा धन है और स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए हमें रोज मॉर्निंग वॉक करना चाहिए शरीर व्यायाम करना चाहिए। उन्होंने डॉक्टर विभूति कश्यप से कहा कि वह लगातार खूंटी में कैंप लगाएं जिससे यहां के लोगों की आंखों की बीमारियों का इलाज एम्स के प्रोटोकॉल पर हो सके क्योंकि जो गरीब लोग हैं वह अच्छे डॉक्टरों से इलाज नहीं करा पाते हैं तो अगर वह महीने में 1 दिन भी आते हैं तो इस से यहाँ के गरीबों को बहुत भला होगा।